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87125 शिक्षामित्रों के प्रमोशन की तैयारी

Wednesday, March 11, 2015

लखनऊ। प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सर्व शिक्षा अभियान की वर्ष 2015-16 के लिए 20001.75 करोड़ रुपये प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना को स्वीकृति दे दी है और अब इसको केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नये शैक्षिक सत्र यानि पहली अप्रैल से पूर्व ही सूबे में प्रशिक्षण पूरा कर चुके द्वितीय बैच के बचे 87125 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर तैनाती के आदेश दिये हैं। इसी कार्ययोजना के तहत राज्य के हर ब्लाक के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में 100 छात्राओं के लिए छह महीने की मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने का प्रावधान भी किया है। मुख्य सचिव ने सभी अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति को पूरी करने पर भी जोर दिया है। 

मुख्य सचिव बताया कि प्रस्तावित कार्ययोजना में वर्ष 2015-16 में 10 जनपदों अलीगढ़, बागपत, बलिया, बलरामपुर, गाजियाबाद, कानपुर नगर, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, वाराणसी एवं शामली में 11 आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे, इनमें 50 बालकों की शिक्षा की व्यवस्था होगी। यहां मंजूर की गयी कार्ययोजना के तहत सर्व शिक्षा अभियान में 131446 कार्यरत शिक्षकों का 12 माह का वेतन, 15242 शिक्षामित्रों के लिए 3500 प्रतिमाह की दर से मानदेय का प्रस्ताव किया गया है। बीएड प्रशिक्षित तथा टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में से 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षकों में से भर्ती हो चुके 70 हजार 204 प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए 7300 रुपये नियत वेतनमान को भी कार्ययोजना में रखा गया है। इसके साथ ही दो वर्षीय प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 135842 शिक्षामित्रों के लिए 12 माह का सहायक अध्यापक के पद का पूर्ण वेतन दिये जाने का प्रस्ताव है। इनमें अभी 48716 शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हो चुकी है एवं शेष 87125 शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति की कार्रवाही चल रही है इसको इसी महीने के अंत से लेकर आगामी शैक्षिक सत्र से पूर्व पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 
उन्होंने बताया कि स्वीकृत 41307 अंशकालिक अनुदेशकों में से 31253 अंशकालिक अनुदेशकों की भर्ती हो चुकी है, बाकी अंशकालिक अनुदेशकों की भर्ती भी जल्द आनलाइन तरीके से पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने बताया कि शैक्षिक सत्र 2015-16 प्रारम्भ होने से पूर्व सभी अंशकालिक अनुदेशकों को नियुक्त कर लिये जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रस्तावित कार्य योजना में अंशकालिक अनुदेशकों के नियत वेतन को भी शामिल किया गया है। 

सभी के लिए शिक्षा परियेजना परिषद की 47वीं कार्यकारिणी बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि अगली वार्षिक कार्ययोजना में 5232 अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण, 32585 विद्यालयों जिनमें से 21029 प्राथमिक विद्यालय एवं 11556 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चहारदीवारी, 1526 बालक शौचालयों एवं 1495 बालिका शौचालयों एवं विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 699 विकलांग फ्रेन्डली शौचालयों का निर्माण तथा 1498 विद्यालयों में पेयजल सुविधा का बजट भी रखा है। 2015-16 में नव विकसित शिक्षकों के निर्धारित कार्य निष्पादन की ट्रैकिंग हेतु वेब बेस्ड पण्राली के द्वारा प्रदेश के समस्त शिक्षकों के कार्य निष्पादन का आंकलन किया जाना प्रस्तावित है। 

विद्यालय की स्थिति जानने तथा वांछित सुधार के लिए 2015-16 में नव विकसित पण्राली को प्रदेश के समस्त विद्यालयों में लागू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासकीय, परिषदीय, सहायता प्राप्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त बालिकाओं एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बालकों एवं 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें वितरित कराने, प्रदेश के शैक्षिक रूप से पिछड़े 680 विकास खण्डों एवं 66 अल्पसंख्यक बाहुल्य कस्बों में संचालित 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अपवंचित वर्ग की कभी भी विद्यालय में नामांकित न होने वाली अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली 11-14 वय वर्ग की बालिकाओं को कक्षा 6 से 8 तक आवासीय शिक्षण व्यवस्था प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है। 

उन्होंने बताया कि बालिकाओं में आत्मरक्षा, नेतृत्व विकास के लिए हर ब्लाक में एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में 100 बालिकाओं को छह माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों में कौशल शिविर आयोजित कर जूडो, कराटे एवं ताइक्वांडो आदि मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जायेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों के चिन्ही करण परिवार सव्रेक्षण का कार्य जुलाई में होगा। चिन्हित आउट आफ स्कूल बच्चों की शिक्षा के लिए 6 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालयों में 1607 विशेष प्रशिक्षण केन्द्र तथा 11 से 14 वर्ष के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1296 विशेष प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2991 आउट आफ स्कूल बच्चों को स्कूल तक आने-जाने की यातायात सुविधा एवं एस्कार्ट उपलब्ध कराने के लिए प्रति बच्चा 3 हजार रुपये प्रतिवर्ष की दर से प्रावधान है। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आश्रयहीन बेघर बच्चों को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा हेतु आवासीय विद्यालय खोले जाने का प्रस्तावित हैं। बैठक में प्रमुख सचिव नियेजन देवेश चतुव्रेदी, सचिव बेसिक शिक्षा हीरालाल गुप्ता, परियेजना निदेशक सर्वशिक्षा अभियान श्रीमती शीतल वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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